Human Rights Violations – Victims of Asaram Bapu from Newspapers & TV clippings & Real court documents www.SlaveCult.com

November 20, 2008

आसाराम अब एक पागल आवारा कुते की तरह गलियों में घूम रहा है और बिचारे ग़रीब लोग जो उसके अंधविश्वास में फँसे हुए है उनपर भोंक रहा है

आसाराम अब एक पागल आवारा कुते की तरह गलियों में घूम रहा है और बिचारे ग़रीब लोग जो उसके अंधविश्वास में फँसे हुए है उनपर भोंक रहा है. आसाराम ने अभी तक ना तो बचो की हत्या में पुलिस को अपने साधको का नारको टेस्ट होने दिया और ना ही इसने अपने बेटे नारायण को मुंबई पुलिस के पास भेजा ताकि महेंदर चावला वाली कंप्लेंट में उसके बेटे की जाँच हो सके. आसाराम के बेटे पर वैसे तो 70 से ज़यादा मामले धोकाधड़ी के चल रहे है जिन पर यह अपने आश्रम से दो साधक और दो समिति के लोगो को भेज कर मामले को सुल्ताने की कोशिश करता है.    आसाराम यह भूल गया की सद्दाम हूसेन, मुसहरफ, हिट्लर सब का अंत बुरा हुआ था तो यह आसाराम का भी अब अपने पापों की सज़ा पाने का वक्त है. होनी को असाराम अपनी चतुराई से अब ताल बहिन सकता.   हत्या एक घिनोना अपराध है और वो भी लोगो में अपने आप को तांत्रिक सीध करने के लिए ?   मा को बेटा से अलग करना एक अमानवीय मानसिकता है ताकि वो बचे इसके आश्रम में काम करते रहें.     टीवी पर आकर अपनी चतुराई से जवाब देना एक बात है पर आसाराम का काला चहरा और काली कर्तुते दिँया के सामने आ ही जाती है.   आज भी बलात्कार के केस आसाराम पर चल रहे हैं.    आज भी अभिषेख और दीपेश वगेला की हत्या का मामल चल रहा है और आसाराम हर कोशिश कर रहा है की वो किसी तरह से बच जाए पर आसाराम यह भूल गया की हर आदमी आसाराम की तरह कुता नहीं होता. कोई भी मा आसाराम को अपने बछहे के पास नहीं आने देना चाहती कोई भी बाप नहीं चाहता की उसकी बेटी आसाराम के चंगुल में फँस जाए और फिर  मा बाप 14 सालो तक आसाराम से अपने बचे को छुड़ाने की हिम्मत करें.  रोंगटे खड़े हो गये लोगो के जब आसाराम का काला चहरा सामने आया की मा को दुनिया के सामने फरियाद करनी पद रही है अपने बेटे को छुड़वाने के लिए और आसाराम राजनीतिक बयान बाजी कर बेटे को अपना चेला बना कर आश्रम में रखे हुए है.   आसाराम एक घटिया जाती का जानवर है जिसको एक मा की फरियाद  नहीं सुनाई दी पर अपने बेटे को जैल में जाने से बचाने के च्कर में 13 करोड़ रुपये बाँटने पड़े.  

 

 अभी तो आसाराम के कितने ही और भी काले कारनामे सामने आने बाकी है. कृपया कर इस वेबसाइट को अपने फेव्रिट लिंक में डाल ले और दुबारा आएँ और अपने दोस्तो को बताएँ ताकि वो अपने प्रियजानो को आसाराम से बचा सके.    माता पिता अपने बचो के लिए सपने सिजोता है पर आसाराम ने अपने आश्रम में काम करवाने के च्कर में उनकी ज़िंदगी बर्बाद कर देता है.

 

आसाराम अपने भाषण जो दुनिया को बेवकूफ़ बनाने के लिए करता है उनमे आसाराम गाय को गाय माता कहता है पर पर्दे के पीछए अपने साधको को अपनी मा का कत्ल करने को कहता है ताकि उन बचो की मा आश्रम से अपने बचो को वापिस ना ले जा सके और आसाराम अपने आतंक फैलाने की कोशिश में लगा रहे. गाय बचाने के च्कर में यह लोगो से पैसे वसूलता है और साथ ही ज़मीन भी फ़ोकट में घेर लेता है अब उस ज़मीनों पर आश्रम बना कर और बचो को आतंक की शिक्षा देता है. कहता है मुसलमान और मिशनरी लोग हुमारे दुश्मन है. जबकि मुसलमान और क्रिस्चियन का आसाराम से कोई लेना देना नहीं होता लोगो में भय फैलने के च्कर में आसाराम आम आदमी के जीवन को ख़तम कर देता है ताकि यह अपनी राजनीति धरम के नाम पर कर सके

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November 19, 2008

Pankaj Saxena and Yogesh Bhati of ASARAM BAPU ashram are to be sent for NARCO ordered by court

Asaram is trying not to send them for narco because his truth will come out and he will have to go to jail.
Asaram did lot of planning to ensure how and what is being done in the murder of two kids of Abhishek and Deepak Vaghela.
Abhishek and Deepak Vaghela were murdered by Asaram bapu ashram and tantrik kriya was done with the body parts of these two pupils.
आसाराम बापू माहिर है कोर्ट कचहरी की आँखों में धूल झोकने में. 149 से अधिक कोर्ट केस आसाराम पर चल रहे हैं भारत में और क्यूंकी भारत का क़ानून धीमी गति से चलता है इस लिए तारिक़ पर तारिक़ ले कर आसाराम वक़्त लेता रहता है और फिर कोई जुगाड़ बना कर केस को दब्वाने की फिराक़ मे रहता है पर क़ानून कोई मज़ाक नहीं है हत्या और शारीरिक शोषण कोई मज़ाक नहीं है. असाराम के अश्रमो में आज भी दुराचार हो रहा है

अपने उपर लगे आरोपो पर आसाराम ने बोला था यह तो क्रिस्चियन मिशनरिस की साज़िश है आसाराम आतंकवाद फैलाना चाहता

 था की हिंदू क्रिस्चियन को ग़लत समझे 
आजकल  आसाराम इस फिराक़ में है किसी तरह से साध्वी प्रगया के चाकर में आसाराम भी अपने हाथ धो ले
पर आसाराम को यह भूल गया की इसके अपने कत्ल किए हुए और अपने सताए लोगो के आरोप का साध्वी प्रगया से कोई मतलब नहीं है
दुनिया ने इसको बड़ोदा में मुह पर थुकायह बुलाता रहा पर लोग नहीं आए और आख़िरी दिन तो इसे अपना कार्यकर्म ही नहीं किया क्योंकि कोई आया ही नहीं
पड़े लिखे लोगो को अब समझ  गयी है और अब तो आसाराम को उसके करमो की सज़ा दिलवा कर ही दम लेंगेअनपड़ लोग जो अंधविश्वास में घिरे हैं उनको अभी आसाराम अपने चंगुल में फँसा कर रखे हुआ है.

 

 

Ahmedabad, November 18 Chief Metropolitan Magistrate D M Patel on Tuesday allowed the Criminal Investigation Department (Crime) to conduct narco-analysis on two employees of the Asaram Ashram-run Gurukul in connection with the mysterious deaths of its two students. The court, however, stayed the operation of the order till December 2, giving the two time to appeal before the High Court.Gurukul rector Pankaj Saxena and Yogesh Bhati, a sadhak, had opposed the move. So far, both have been questioned in the capacity of witnesses and the narco test, if conducted, will be in the same capacity.   

In its order, the court relied on the judgment of the High Court in the Santokben Jadeja case, where it was held that the consent of the accused was not a pre-requisite for conducting a narco test. This judgment of the High Court was challenged in the Supreme Court, and the latter stayed its operation.

The Metropolitan Court in its order has observed that the apex court had only stayed the High Court order and not overruled it, which made it binding on all courts.

It observed that the two Ashram members were being questioned as witnesses and it is their duty to speak out the truth. It said that if the investigating agency felt that the witnesses were not forthcoming with the truth then it had the right to demand the use of scientific tools like narco analysis.

Both Bhati and Saxena have declined to give their consent for the narco test on grounds that it is self-incriminatory and inhumane. Besides, a clutch of cases questioning its legality are pending before the Supreme Court, they have said.

The CID had moved the application on August 22 after it failed to make any headway in the case. The mutilated bodies of Abhishek and Deepak Vaghela were found in the first week of July on the Sabarmati riverbed. Tantrik practices, allegedly carried out in the Asaram Ashram, are suspected to be the reason behind the deaths.

The case, however, has been treated as that of an accidental death. Sources in the police say there are some evidences in the case, which point towards various tantrik activities conducted in the Ashram, and it is essential to know more details about this from the two Ashram members.

The police have also contended that both Saxena and Bhati were not cooperating with the investigating agency. Lie detector and brain mapping tests conducted on them had proved to be inconclusive.

 

 

 

http://www.expressindia.com/latest-news/cid-gets-court-nod-for-narco-analysis-of-two-asaram-ashram-officials/387668/

November 10, 2008

आसाराम बापू की पोल खुलने के बाद से पड़े लिखे और समझदार लोगो ने आसाराम की नौटंकियो प्रवचन सत्संग में जाना छोड़ दिया

आसाराम बापू की पोल खुलने के बाद से पड़े लिखे और समझदार लोगो ने आसाराम की नौटंकियो प्रवचन सत्संग में जाना छोड़ दिया

आसराम ने अजय की माता जी से माफी माँगने की बजाए अजय को मा के खिलाफ भड़का दिया  

अब तीन महीने से माता जी जब भी अजय को बुलाने के लिए आश्रम में फोन लगती है तो उनका फोन आसाराम अजय को नहीं देता  

आसाराम बापू ने अभी भी वाघेला परिवार से माफी नहीं माँगी है, अजय की माता जी ने वाघेला परिवार को दिल्ली आने का न्योता भेजा है  

 कोई भी मा बाप अब आसाराम का घिनोना चेहरा नहीं देखना चाहता है, क्योंकि आसाराम संत वॉंट नहीं है, यह सब एक धंधा है 

लोग अब जान गये है

Asaram’s satsang fails to draw crowds

Vadodara, November 9 Police detain protestors anticipating trouble at the venue 

Asaram Bapu’s satsang this season has failed to attract many followers at Navlakhi compounds in the city, in the wake of the criticism the ashram authorities faced over the death of two ashram boys in Ahmedabad in July this year.

The first day of the four-day satsang passed off peacefully amid tight security arrangements made to thwart any untoward incident.

Meanwhile, as a preventive measure, Navapura police detained Asaram protesters Amrut Prajapati and his wife Saroj Prajapati under Bombay Police Act.

Inspector K B Patel said, “Earlier, Prajapati had been booked for protesting against Asaram on several occasions.

He added: “Prajapati was an Asaram devotee and worked as a vaidya (physician) in the ashram, but later he criticised the activities in the ashram.”

It was also rumoured that another protester, Vasant Darji had planned to burn Asaram’s posters at the event. However, Darji’s relatives said they confined him to his house so that he cannot create any trouble.

Referring to the attendance at the satsang, Asaram said, “It is appreciated that devotees based in Vadodara are watching me through cable, but they can have more blessings if they come to the place.”

Bal Shibir, which has been always a part of Asaram’s satsang, will not be held this time, for which the event’s media coordinator, Uday Sangani, failed to give any reason.

http://www.expressindia.com/latest-news/asarams-satsang-fails-to-draw-crowds/383524/

November 9, 2008

रंडी या तवायफ के कोठे और आसाराम बापू के आश्रमो में सारी समानताएँ है!

रंडी या तवायफ के कोठे और आसाराम बापू के आश्रमो में सारी समानताएँ है!

दोनो जगह काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन के नाम पर ठेंगा मिलता है

दोनो जगह कर्मचारियों के घर वालों को पता नहीं होता की उनके बचे कहाँ और क्या कर रहे है
दोनो जगह कर्मचारियों के घर वालों को कर्मचारी से मिलने नहीं दिया जाता
दोनो जगह कर्मचारियों के घर वालों को  अपना बचा वापिस लेजाने की कीमत वसूली जाती है
दोनो जगह कर्मचारियों के घर वालों को  अपना बचा वापिस लेने के लिए पुलिस और कोर्ट कचहरी के च्कर लगाने पड़ते है
दोनो जगह कर्मचारियों के घर वालों को इनके गुंडे परेशान करते हैं
दोनो जगह आने वाले लोग अँधा पैसा लूटा कर जाते हैपर कर्मचारी को कुछ नहीं मिलता पर वर्षो तक मानसिक और शारीरिक शोषण होता रहता है
दोनो जगह कर्मचारी धोखे से रखे जाते है
दोनो जगह कर्मचारियों को भय से भयभीत कर रखा जाता है
खाने के लिए पैसे दिए है तुम्हे  जिसके लिए उन्हे दिन रात काम करना पड़ता है
कोठे पर कोठे वाले दलाल और आसाराम  के अश्रमों में आसाराम  सारे पैसे ले जाते है
दोनो जगह करोड़ो रुपया की कमाई होती है पर कोई हिसाब सफेद में नहीं रखा जातासारा टॅक्स फ्री है
दोनो जगह  बड़े बड़े पुलिस के अधिकारीओं के पीछे से ताड़ जुड़े होते है
दोनो जगह राजनीतिक पार्टियों का संरक्षण है
दोनो जगह कितने ही कर्मचारियों को मौत के घाट उतार दिया जाता है अगर वो अपने घर वापिस जाने की बात करते हैं और उन हत्याओ का कोई लेखा झोखा नहीं होता, पर वहाँ के कर्मचारियों से विश्वास में ले कर या पुराने कर्मचारियों या करीब के लोगो से पूछने पर अनगिनत हत्याओं के मामले सामने दबी आवाज़ में खुलते है
दोनो जगह ज़हर से मार देने का उपाय पर्योग में लाया जाता है
दोनो जगह महिलाएं बिना शादी के ही माँ बन जाती हैपर दोनो जगहों पर इनके बचे कोख में ही मरवा दिए जाते है (गर्भपात), ताकि कर्मचारी काम करता रहे और धंधे को बदाता रहे
दोनो जगह पॉल खुलने और नंगे होने पर भी दोनो अपने धंधे को चलाने की कोशिश करते है
दोनो जगह जब आम आदमी जब मिल कर आवाज़ उठाते है तो  इनके धंधे बंद हो जाते है और समाज जाग जाता है
समाज अब जाग आया है

November 8, 2008

आसाराम बापू के ज़हर पिला कर विरोधी को मार देने के कारनामें

आसाराम उगले ज़हर, दवा के रूप मे ज़हर पीला देता है
खाने में ज़हर, चाय में ज़हर, कही भी पिला देता है
ज़हर मिला कर प्रषाद बटवा देता है
अपनी गुरु गीता  के रटे करवा कर  बच्चो की मानसिकता को ज़हरीला करवा देता है
अपने माँ बाप के विरुढ़ बच्चो में ज़हर भर देता है
नही रहे दूसरो की खैर, इसके साथ करता है कोई भी बैर 
उसको किसी भी शड्यंतर से खिला देता है ज़हर, बचता वोही है जिसपर हो परमात्मा की रहे मेहर
बिछु नहीं कर पाए ज़हर का असर, जुब यह कपटी बरसता अपना कहर
इसने काइिओं को मौत के घाट उतार दिया, भोजन तो क्या चाय में भी ज़हर मिला दिया
अपने साधक भेज कर अपने विद्रोहिॉ को ज़हर पीला दिया, 
इसने मामा शकुनी और मंतरा ज़हर खिलाने, जैसो  को भी पीछे हटा दिया
जैसे मीरा को सासू ने विष का प्याला पीला दिया, ऐसे ही 
आसाराम ने कइयों को चाय में ज़हर मिला कर पीला दिया
कपटी द्रयोधन ने भी भीम को ज़हर पिलाया था, समय आने पर उसको भीम ने मज़ा छकाया था
ऐसे ही 
आसाराम ने ना ज़ाने किस किस को ज़हर पिलाया है, 
आज 
बलिहारी मीडीया की की इसका भंडा फोड़ इसको मज़ा चखाया है.
अपने शब्दो में भी ज़हर उगलता है, और अकेला देख कर गिरगिट की तरह रूप बदलता है
और 
आसाराम मारने की नई नित चाल चलता है
इसके अश्रमो में भी ज़हर खिलाने के षड्यंतर किए जाते हैं
राज खुलने पर उसको आत्महत्या बताते है.
बरसो पहले की बात है , ऋषिकेश के ब्रह्मपुरी आश्रम की सची घटना है
इसको आधा आश्रम दिया था स्वर्गिय लक्ष्मण दस त्यागी  ने भेंट में
इसने पूरे आश्रम पर ही क़ब्ज़ा कर डाला अपने गुप्तचर भेज कर
उस त्यागी बाबा को ज़हर खिला डाला, ज़हर खा कर फिर भी वो ज़िंदा बच गया
मौका पा कर 
आसाराम ने फिर दूसरा फंडा निकाला, अपना चेला भेज कर उसका चेला बनवा दिया
उसके मित्र 
विवेकानंद उर्फ मुन्ना सिंग को भी ज़हर खिला कर साजिश थी रचाई
इसके लिए 
आसाराम के चेले ने तीन महीने तक बड़ी परेशानी उठाई.
एक दिन उसका दाव ज़हर खिलाने में लग आया
उसने विवेकानंद के भोजन में ज़हर मिला दिया, यह करते देख किसी ने उसको देख लिया
गंगा मैया की कृपा से उन्होने वो खाना फैंक दिया, फिर असाराम के चेले को केच किया
उसकी सुबने मिलकर की इतनी धुनाई, की उसको बार  बार 
आसाराम की गंदी करतूतो की याद आई
और उसने सुबसे लगाई दुहाई, मुझे माफ़ करो यह सूब करामात है आसाराम ने कराई
तब लक्ष्मण दास के चेलों ने उसको ज़िंदा छोड़ दिया
उसने फिर 
आसाराम के पास आकर, आसाराम के शड्यंत्रा की विफलता का लेखा झोका खोल दिया
दिल्ली के कारोल बाघ आश्रम में बालकदस बाबा को भी ज़हर खिलाया था,  उसको भी ईश्वर की भक्ति ने काई बार बचाया था
परंतु अंतकाल 
में सको भी ज़हर खिला कर मार दिया.

November 6, 2008

ज़मीन पर कब्ज़ा कर आसाराम बापू का मुटेरा वाला गुंडा घर भी बना है आसाराम की घिनोने दिमाग से , कहने को १४ साल से शिक्षा दे रहा है पर असल में आतंक फैला रहा है

આસારામના મોટેરા આશ્રમનો ૬૭ હજાર ચો.મી. સરકારી જમીન પર ગેરકાયદે કબજો

અમદાવાદ, બુધવાર

આસારામના મોટેરા સ્થિત આશ્રમે આસપાસની જમીન પર ગેરકાયદે દબાણ કર્યુ હોવાની ફરિયાદના આધારે કલેક્ટરે આશ્રમ હસ્તકની જમીનની માપણી કરવા કરેલા હુકમ બાદ અમદાવાદ ડિસ્ટ્રિક્ટ લેન્ડ રેકડ્ર્ઝ વિભાગે સંદિગ્ધ અભિપ્રાય આપતા નવો વિવાદ સર્જાયો છે. આ વિભાગે અહેવાલ આપ્યો છે કે ફાળવાયેલી જમીન પરના મંજૂર થયેલા પ્લાન કે સ્કેચની કોઇ વિગત તંત્ર પાસે નથી. એટલે કે કુલ જમીનની મેળવણી કરવી મુશ્કેલ છે. બીજી તરફ, કલેક્ટર કચેરીના વર્તુળો હાલના સંકુલના નકશાના આધારે એમ જણાવી રહ્યા છે કે, ફાળવાયેલી જમીન કરતા આશરે ૬૭ હજાર ચો.મી. જમીન પર આશ્રમને ગેરકાયદે કબજો છે. ઉલ્લેખનીય છે, આશ્રમના ગેરકાયદે કબજાવાળી સરકારી જમીનની બજાર કિંમત પણ કરોડોની અંકાય છે.

તંત્ર પાસે આશ્રમના મંજૂર થયેલા પ્લાનની કોઇ વિગત નથી !: લેન્ડ રેકર્ડ્ઝના અસ્પષ્ટ અભિપ્રાયથી વિવાદ

for Complete news go to http://www.sandesh.com/sandesh_article.aspx?newsid=24732

November 3, 2008

आसाराम बापू के बाल संस्कार केन्द्र का भांडा फोड़

भाई पाक से भारत आ कर आसाराम ने क्या खूब कितना पैसे कमाया
क्या दौलट क्या हीरे क्या मोती दुनिया को लूट पाट कर बेवकूफ़ बनाया
दुनियाभर में बदनामी हो गयी इसकी, पर पाखंडी की आदत ना छूटी
डूब मरता अपमानित हो कर अगर लज्जा होती, और भेज देता बचो को घर जिनकी है किस्मत फूटी
आसाराम का बच्चो को फसाने का नया षडयंत्र केंद्र
अंधविश्वासी अंधे लोगो को खोल दिए है बाल संस्कार केन्द्र
जो खुद आसाराम के अंधवाश्वास में फँसे हैं वो इसके बाल संस्कार केन्द्र चलाएँगे
जो सारी ज़िंदगी खुद एक ढोंगी के च्कर में फसे रहे वो बचो को असारमायण पड़ौएँगे
रामायण तो गयी अब तेल लेने, असारमायण ने अपनी ही असारमायण बनाई है
हिंदू धरम के ठेकेदारो ने वोटो के चकर में असाराम्यन पर भी मोहर लगाई है
जब आश्रम बंधक के मा बाप के मरने का संदेशा आता है असाराम एक नई प्रॉपर्टी क हिसेदर बनता देख फूला नहीं समाता है
फटाफट अपनी एक बड़ी फोटो और गुरु दीक्षा की किताबे उनके घर भिजवाता है
कोई प्रॉपर्टी को दान में अड़चन ना डाले इसके लिए हर आश्रम बंदी से एक कोरे काग़ज़ पर दस्तख़त करवाता है
आसाराम बापू के बाल संस्कार केन्द्र का भांडा फोड़
होनहार बचो को बोलता है आश्रम में क़ाम कर मा बाप को छोड़
कितनो के बचे आश्रम में मरे नहीं है कोई लेखा झोका
हिंदू समाज अभी भी सो रहा था असाराम को आग में नहीं था झोंका
धीरे धीरे हिंदू समाज जाग रहा है असाराम की फोटो और पोस्टर फाड़ रहा है
सरकारी कर्मचारी जो था लाचार , लगा रखी थी उसने अपने ऑफीस में फोटो असाराम की , पर अब लगा दी है उसने भी सीता और राम की
अनपड़ और गँवार लोग अब भी कर रहे हैं असाराम का प्रचार
शक्ति प्रदर्शन कर आम आदमी पर ज़बरदस्ती ढा आहे है अत्याचार
अरे तुमको आसाराम और अपने घर वालों का करना है व्यभिचार
तो तुम चले जाओ आसाराम के आश्रम की काल कोठरी में और भेज दो उन मा बाप के बचो को जिनके मा बाप है लाचार और मीडीया में लगाई है गुहार
बचो को अपने अनुकूल करने और अपनी फोटो पूजवने का ही नाम बाल संस्कार है
आश्रम में बचो की हत्या पर बोलता है माता पिता और जनता कोर्ट का फ़ैसला आने तक करे इंतेज़ार
ताकि तब त्क और बचो को फँसा कर अपने धंधे को बड़ा सके, पर अपनी उमीदो पर पानी फिरते देख हो गया है बेकरार
पोलीस की इंक्वाइरी वाले सस्पेक्ट्स को वॅकिल देता है और करता है तकरार, नारको टेस्ट जानो को करता है इनकार, पर आरोप लगाने वेल सारे हैं नारको के लिए तैयार
बचो को घर क्यूँ नहीं भेजता , आसाराम को मामला ठंडा पड़ने का है इंतेज़ार
बसस के नाम पर क्या क्या

बाल संस्कार केंद्र में क्या यह सिखाते हैं, खुद ही कहते है बचे ही बचो का गला दबाते हैं
नहीं मानते अपराधी आसाराम उनको कोई संस्कार सिखाएगा
पहले तो हज़ारों रुपैया फिस के नाम पर ले रहा है , फिर बड़े होने पर उनको भी भंधुआ मज़दूर बनाएगा
किसी भी बेटे को यह तो सीखा सका की बाप मरता है तो बेटे को कंधा देने शमशान जाना होता है
मा बाप के पालन पोषण का क़र्ज़ बेटे को उनके बुडे होने पर बेटे को उनकी सेवा कर चुकाना होता है
बच गयी लखो लोगो की ज़िंदगी जिन्होंने , जिसने समझ कर आसाराम की खबर देखी
बचो की लाशों पर असाराम की झूठी टिपडीया और मा बाप को सालों से अपने ही बचो से ना मिलने देने की खबर देखी
कौन साजिश रच रहा है ? आसाराम का घिनोना चेहरा तब सामने आया, जब एक रोटी बिलखती मा को 14 साल से अपने बेटे से नहीं मिलवाया
आज भी उसका बेटे को आसाराम ने नोट गिनने के काम मे लगा रखा है, अरे मैं तो भेजता हू वो नहीं जाता, मीडीया में कहता फिरता है
दुनिया बेवकूफ़ नही है जो तेरे च्क्कर में आएगी, जिस दिन तेरी कोर्ट की तारीख पड़ी तेरी उसी दिन वॉट लग जाएगी
अभी तो तू नोट बाँटने के नाटक कर रहा है, तेरे सारे काले धंधे का धन तुझे नहीं बचा पायगा जिस दिन तेरा वॉरेंट पोलीस लाएगी
आसाराम ने आजतक कितने ही माता पिता का सुक्ख चैन छीना, अगर तुम भी आ जाते इसकी चतुराई में तो भूल जाते मारना और जीना
असाराम ने की एक और नये शड्यंतर करने की तेयारी, अपना भांडा फूटन के डर से इसने दिखाई होशियारी
अपनी ही तारीफ लिखवा कर ही अपनी ही अख़बार छपवा कर भले लोगो को गुमराह करने की कोशिश की जारी,
अत्याचारी और घमंडी आसाराम ने अपने अश्रमो से सताए परिवारों को बदनाम करने की कोशिश की
मीडीया ने भी सचाई दिखा कर , कलयुगी असाराम ढोंगी का अत्याचार
इस ने भले लोगो की आत्मा बहुत दिखाई
मुह काला

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