Human Rights Violations – Victims of Asaram Bapu from Newspapers & TV clippings & Real court documents www.SlaveCult.com

November 8, 2008

आसाराम बापू के ज़हर पिला कर विरोधी को मार देने के कारनामें

आसाराम उगले ज़हर, दवा के रूप मे ज़हर पीला देता है
खाने में ज़हर, चाय में ज़हर, कही भी पिला देता है
ज़हर मिला कर प्रषाद बटवा देता है
अपनी गुरु गीता  के रटे करवा कर  बच्चो की मानसिकता को ज़हरीला करवा देता है
अपने माँ बाप के विरुढ़ बच्चो में ज़हर भर देता है
नही रहे दूसरो की खैर, इसके साथ करता है कोई भी बैर 
उसको किसी भी शड्यंतर से खिला देता है ज़हर, बचता वोही है जिसपर हो परमात्मा की रहे मेहर
बिछु नहीं कर पाए ज़हर का असर, जुब यह कपटी बरसता अपना कहर
इसने काइिओं को मौत के घाट उतार दिया, भोजन तो क्या चाय में भी ज़हर मिला दिया
अपने साधक भेज कर अपने विद्रोहिॉ को ज़हर पीला दिया, 
इसने मामा शकुनी और मंतरा ज़हर खिलाने, जैसो  को भी पीछे हटा दिया
जैसे मीरा को सासू ने विष का प्याला पीला दिया, ऐसे ही 
आसाराम ने कइयों को चाय में ज़हर मिला कर पीला दिया
कपटी द्रयोधन ने भी भीम को ज़हर पिलाया था, समय आने पर उसको भीम ने मज़ा छकाया था
ऐसे ही 
आसाराम ने ना ज़ाने किस किस को ज़हर पिलाया है, 
आज 
बलिहारी मीडीया की की इसका भंडा फोड़ इसको मज़ा चखाया है.
अपने शब्दो में भी ज़हर उगलता है, और अकेला देख कर गिरगिट की तरह रूप बदलता है
और 
आसाराम मारने की नई नित चाल चलता है
इसके अश्रमो में भी ज़हर खिलाने के षड्यंतर किए जाते हैं
राज खुलने पर उसको आत्महत्या बताते है.
बरसो पहले की बात है , ऋषिकेश के ब्रह्मपुरी आश्रम की सची घटना है
इसको आधा आश्रम दिया था स्वर्गिय लक्ष्मण दस त्यागी  ने भेंट में
इसने पूरे आश्रम पर ही क़ब्ज़ा कर डाला अपने गुप्तचर भेज कर
उस त्यागी बाबा को ज़हर खिला डाला, ज़हर खा कर फिर भी वो ज़िंदा बच गया
मौका पा कर 
आसाराम ने फिर दूसरा फंडा निकाला, अपना चेला भेज कर उसका चेला बनवा दिया
उसके मित्र 
विवेकानंद उर्फ मुन्ना सिंग को भी ज़हर खिला कर साजिश थी रचाई
इसके लिए 
आसाराम के चेले ने तीन महीने तक बड़ी परेशानी उठाई.
एक दिन उसका दाव ज़हर खिलाने में लग आया
उसने विवेकानंद के भोजन में ज़हर मिला दिया, यह करते देख किसी ने उसको देख लिया
गंगा मैया की कृपा से उन्होने वो खाना फैंक दिया, फिर असाराम के चेले को केच किया
उसकी सुबने मिलकर की इतनी धुनाई, की उसको बार  बार 
आसाराम की गंदी करतूतो की याद आई
और उसने सुबसे लगाई दुहाई, मुझे माफ़ करो यह सूब करामात है आसाराम ने कराई
तब लक्ष्मण दास के चेलों ने उसको ज़िंदा छोड़ दिया
उसने फिर 
आसाराम के पास आकर, आसाराम के शड्यंत्रा की विफलता का लेखा झोका खोल दिया
दिल्ली के कारोल बाघ आश्रम में बालकदस बाबा को भी ज़हर खिलाया था,  उसको भी ईश्वर की भक्ति ने काई बार बचाया था
परंतु अंतकाल 
में सको भी ज़हर खिला कर मार दिया.

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